Rajasthan News In Hindi : Managing director PK Gupta said – SBI will be less than 8% from January 1 | एसबीआई के प्रबंध निदेशक ने कहा- एक जनवरी से हमारे बैंक का हाेम लाेन 8% से भी कम हाे जाएगा

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  • हाेम लाेन समेत सभी प्राॅडक्ट्स रेपाे रेट के साथ लिंक हाे जाएंगे, महंगाई घटी तो रेट में कटौती के आसार
  • गुप्ता ने कहा- ग्राहक याेनाे एप काे अपने स्मार्टफाेन के जरिए काम में लेकर एसबीआई एटीएम से कैश आसानी से निकाल सकते हैं

Dainik Bhaskar

Dec 26, 2019, 10:03 AM IST

जयपुर (राजेन्द्र पी. शर्मा). देश का शीर्ष बैंक भारतीय स्टेट बैंक नए साल की पहली तारीख से ही अपने ग्राहकाें काे आसान हाेम लाेन का तोहफा देने जा रहा है। ऐसा बैंक के हाेम लाेन समेत पर्सनल फ्लाेटिंग रेट प्राॅडक्ट्स काे रेपाे रेट से सीधे लिंक करने से संभव हाे सकेगा। यह कहना है बैंक के प्रबंध निदेशक (रिटेल और डिजिटल बैंकिंग) पीके गुप्ता का। उनसे बातचीत के प्रमुख अंश…

सवाल- नए साल की साैगात के रूप में हाेम लाेन 8 फीसदी से भी कम हाे जाएगा?
जवाब- जी हां, एक जनवरी से हाेम लाेन समेत सभी प्राॅडक्ट्स रेपाे रेट के साथ लिंक हाे जाएंगे। कई सालों के बाद ऐसा हाेगा कि हमारे जाे बेस्ट कस्टमर्स हैं, उनकाे आठ फीसदी से कम दर पर हाेम लाेन मिल सकेगा। हमारी बेस्ट रेट 7.90 फीसदी हाे जाएगी। नई तिमाही या चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही की शुरुआत एक जनवरी, 2020 से हाे रही है। अभी एसबीआई की न्यूनतम होम लोन रेट 8.15 फीसदी है।

सवाल-  आरबीआई ने इस बार रेट कट नहीं की। आगे का क्या अनुमान है?
जवाब-
देखिए, महंगाई अभी ऊंचे स्तर पर है, यही बात आरबीआई ने भी कही है। इसीलिए रेट्स में कटौती नहीं हुई। महंगाई नीचे आने के बाद रेट कट की उम्मीद की जा सकती है। आरबीआई के जाे प्राेजेक्शन हैं, उसके अनुसार यदि मार्च के बाद महंगाई कम हाेती है ताे रेट में कटाैती के आसार बन सकते हैं।

सवाल- डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ रहा है, इसका आप क्या भविष्य देखते हैं?
जवाब-
याेनाे एप डिजिटल ट्रांजेक्शन में प्रभावी काम कर रहा है। हमारे ग्राहक याेनाे एप काे अपने स्मार्टफाेन के जरिये काम में लेकर एसबीअाई एटीएम से कैश आसानी से निकाल सकते हैं। इसमें उन्हें डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल की जरूरत ही नहीं पड़ती। हम कैश साइकिल काे कम करने के पक्ष में हैं। पहले एटीएम ट्रांजेक्शन 34 फीसदी हाेते थे जाे अब घटकर 29 फीसदी रह गए हैं। इसी प्रकार ब्रांच बेस्ड ट्रांजेक्शन सिर्फ दस फीसदी रह गए हैं, शेष 90 फीसदी ट्रांजेक्शन्स यूपीआई, एटीएम डेबिट कार्ड, इंटरनेट, पाॅस मशीन अादि से हाे रहे हैं। याेनाे एप एसबीआई ग्रुप की सभी सेवाओं जैसे बीमा, म्युचुअल फंड आदि में भी कारगर है।

सवाल- आईएमएफ ने अपनी रिपाेर्ट में कहा है कि भारत में गहरी सुस्ती का दाैर है और बैंकाें में जाेखिम लेने से बचने की धारणा बनी हुई है। क्या आप इससे सहमत हैं?
जवाब-
जी, नहीं। ग्राेथ में स्लाे डाउन ताे है लेकिन इसके पिक अप करने के आसार उतने ही प्रबल बने हुए हैं। आने वाले समय में इसका परिणाम दिखाई देगा। आने वाले एक दाे क्वार्टर में इसका असर दिखाई दे सकता है। जहां तक बैंकाें की बात है ताे हमारे पास डिपाेजिट्स आ रहे हैं। बैंक तैयार हैं लाेन देने काे। काॅर्पाेरेट लाेन की डिमांड कम है, ऐसे में हम रिटेल पर फाेकस कर रहे हैं। हाउसिंह और पर्सनल लोन की ग्रोथ हो रही है। ऐसे में जाेखिम लेने से बचने की बात कहां आती है? वर्किंग केपिटल के लिए हम तैयार बैठे हैं। ऑटो सेक्टर के साथ हमारी बातचीत हुई है। इस सेक्टर के रिवाइवल में हम सहयोग दे रहे हैं। हम बैंकिंग सेक्टर में ट्रेंड सेटर हैं, बाकी हमें फॉलो करते हैं।



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