Ex-Nissan Chairman Ghosn says left Japan for Lebanon escaping from political persecution | पूर्व सीईओ कार्लोस घोन जापान से भागकर लेबनान पहुंचे, कहा-अन्याय और उत्पीड़न से पीछा छुड़ाया

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  • नाम बदलकर प्राइवेट जेट से बेरुत पहुंचे घोन ने कहा, अब मीडिया से खुल कर बात करूंगा
  • निसान में भ्रष्टाचार के आरोप में नवंबर 2018 में घोन की गिरफ्तारी हुई थी, अभी जमानत पर थे

Dainik Bhaskar

Jan 01, 2020, 10:13 AM IST

बेरुत. निसान मोटर्स के पूर्व सीईओ कार्लोस घोन जापान से भागकर लेबनान पहुंच गए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक घोन ने खुद इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जापान में वे खराब न्याय तंत्र के घेरे में थे। इससे यह भी सवाल उठ रहे हैं कि एक समय दुनिया के सबसे मशहूर बिजनेस एक्जीक्यूटिव में शामिल रहे घोन ट्रायल से कुछ महीने पहले जापान से भागने में आखिर कैसे सफल हो गए।

जापान की न्याय व्यवस्था दोषपूर्ण: घोन

  1. घोन ने कहा, ‘मैं अब लेबनान में हूं और जापान की दोषपूर्ण न्याय व्यवस्था की गिरफ्त से बाहर हूं। जापान की न्याय व्यवस्था में दोष पहले तय कर दिया जाता है, भेदभाव चरम पर है और वहां मानवाधिकार से वंचित किया जाता है। मैं न्याय से भागा नहीं हूं, मैंने अन्याय और राजनीतिक उत्पीड़न से पीछा छुड़ाया है। आखिरकार अब मैं खुल कर मीडिया के साथ बात करता हूं। अगले सप्ताह से मैं इसकी शुरुआत करूंगा।’ इस बारे में पूछे जाने पर घोन के वकील, आरोप लगाने वाला पक्ष और निसान ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

  2. 65 वर्षीय घोन के अचानक जापान से निकलने से करीब एक साल पुराने मामले में नया मोड़ आ गया। निसान में कथित फ्रॉड के मामले ने ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री को तगड़ा झटका दिया था। साथ ही निसान के मुख्य शेयरहोल्डर रेनॉ एसए के साथ साझेदारी को उलझा दिया था। इसने जापान की न्याय प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।

  3. घोन के पास फ्रांस, ब्राजील और लेबनान की नागरिकता है। अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जापान में निगरानी के बीच रखे गए घोन भागने में सफल कैसे रहे। खास बात यह है कि उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया था। जापानी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि घोन एक अन्य नाम से बेरुत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिखे। उन्होंने प्राइवेट जेट का इस्तेमाल किया था। वहीं, जापान की इमिग्रेशन अथॉरिटी के पास घोन के देश छोड़ने की कोई जानकारी नहीं थी। वित्तीय हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद जापान में घोन की प्रतिष्ठा काफी धूमिल हुई थी। हालांकि, लेबनान में वे लोकप्रिय बने रहे। वहां, उनके समर्थन में कई ऐसे बैनर, पोस्टर लगाए गए जिनमें लिखा था, ‘हम सभी कार्लोस घोन हैं।’

  4. नवंबर-2018 में टोक्यो एयरपोर्ट से हुई थी घोन की गिरफ्तारी

    निसान में वित्तीय हेराफेरी के आरोप में घोन को 19 नवंबर, 2018 को टोक्यो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। वे हमेशा आरोपों से इनकार करते रहे हैं। निसान ने उन्हें चेयरमैन पद से हटा दिया था। मार्च 2019 में घोन को 90 लाख डॉलर के मुचलके पर जमानत मिली थी। यह जापान के इतिहास में सबसे महंगी जमानत है।



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